क्या भूतों की भी कोर्ट-कचहरी होती है

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में है मनियार गांव, जहां हर साल एक मेला लगता है. इस मेले में ऐसे सैकड़ों ऐसे किरदार आते हैं, जिन पर शैतानी या दैवीय शक्तियों के वास होने का दावा किया जाता है.

News18Hindi
Updated: August 17, 2018, 7:01 PM IST
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क्या भूत-प्रेत होते हैं. क्या ऐसा होता है कि भूत की कोर्ट-कचहरी भी होती है. ये एक अजीब सा रहस्य था जिसे जानने के लिए न्यूज 18 की टीम को जाना पड़ा दिल्ली से करीब 970 किलोमीटर दूर एक छोटे से शहर बलिया में. बलिया बिहार से सटा उत्तर प्रदेश का एक छोटा सा शहर है. न्यूज 18 की टीम आधी हकीकत-आधा फसाना के आज के अंक में आज आपको एक ऐसी अदालत में लेकर जा रही है, जिसे प्रेतों की अदालत कहा जाता है.

न्यूज 18 को मिली जानकारी के अनुसार बलिया के पास एक गांव है मनियार, जहां हर साल एक मेला लगता है. यहां लगने वाले मेले में सैकड़ों ऐसे किरदार आते हैं, जिन पर शैतानी या दैवीय शक्तियों के वास होने का दावा किया जाता है. ये एक ऐसी जगह है, जिसे प्रेतों का सुप्रीम कोर्ट कहा जाता है.

न्यूज 18 की टीम कुछ घंटे के सफर के बाद बलिया के मनियार गांव, जहां नवका बाबा के मंदिर में पूरी रौनक के साथ वो मेला सजा हुआ था. यहां पर हर तस्वीर, एक सवाल के जैसे थी. यहां टीम को बहुत कुछ तलाशना था, जिसके बारे में लोगों ने बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं. टीम के सदस्य चंद कदम ही आगे बढ़े थे कि देखा कि एक लड़का एक औरत को डांट रहा है. टीम ने कारण पूछा तो पता लगा कि ये औरत शैतानी शक्तियों का शिकार है और उसे डांटने वाला शख्स नवका बाबा मंदिर का एक तांत्रिक है. टीम के सदस्य अभी इस घटना को समझ ही रहे थे कि तभी एक और आवाज सुनाई दी. सदस्यों ने देखा कि एक लाल साड़ी पहने औरत जमीन पर अपने हाथों को रगड़ रही है. लोगों ने नाम पूछने पर बाताय कि ये मंजू है, जो आज सुबह ही यहां आई है.

बताया गया कि मंजू में देवी का वास हुआ है और वो जो कुछ भी अपने मुंह बोल रही है. दरअसल वो देवी बोल रही हैं. इस मामले में जानकार लालू पंडित मंजू से कुछ पूछ रहे हैं. टीम के सदस्य ने उनसे पूछा कि आप ये क्या पूछ रहे हैं. लालू पंडित ने बताया कि मंजू बता रही है कि देवी उसके आत्मा में आ गई हैं, वो देवी बोल रही हैं. टीम इस कहानी को सुलझा पाती कि सदस्यों को एक चीख सुनाई दी. सदस्यों ने देखा कि तीन लड़कियां चिखते-चिखते अपना होश गंवा चुकी थीं. किसी का सिर लगातार चक्कर लगा रहा था तो कोई जमीन पर मुक्ति की भीख मांग रही थी. वहीं तांत्रिक उन्हें काबू में करने की कोशिशों में लगा हुआ था.

यह सब कुछ देखकर टीम के सभी सदस्यों को एक धक्का सा लगा. सभी ने सोचा कि शायद ये लड़कियां किसी बीमारी का शिकार हैं लेकिन बीमारी है, तो उसका इलाज आखिर इस मेले में क्यों. तभी लोगों ने बताया कि ये लड़कियां बीमार नहीं हैं, बल्कि इस वक्त शैतानी शक्तियों के चंगुल में हैं. दर्जनों लोग इस तंत्र-मंत्र को देखने में मशगूल हैं, वहीं दूसरी तरफ टीम के सदस्य ये सोच रहे थे कि इंसान मंगल तक पहुंच गया. लेकिन देश में आज भी लाखों लोग ऐसी कहानियों पर यकीन करते हैं. अब सवाल यह था कि अगर यह आडंबर है, तो लड़कियों के इस रूप की क्या वज़ह हो सकती है.

कुछ ही देर बाद ढोल बजने लगा और तांत्रिक इन लड़कियों को एक मंदिर में ले गया. कुछ देर तक आरती हुई और फिर जैसे सब कुछ ठीक हो गया. टीम ने देखा कि जो लड़की चंद मिनट पहले तक अपने होश में नहीं थी. वो इस साधना के बाद कुछ ऐसी नज़र आई, जैसे कुछ हुआ ही नहीं था. यहां हर तरफ ऐसा ही नज़ारा रहा.

कोई झूम रहा है, कोई घूम रहा है, कोई दर्द में है तो कोई चीख रहा है. टीम को बताया गया कि ये सब कुछ इसलिए क्योंकि नवका बाबा का यह दरबार दरअसल प्रेतों की सबसे बड़ी अदालत है. यहां आने वाला हर शख्स एक फरियादी है. यहां वकिल तांत्रिक है और जज खुद नवका बाबा हैं. टीम के सदस्यों ने मंदिर में चबूतरे में लोगों का बड़ा हुजूम मौजूद था. जिसमें कुछ बरसों से हाजिरी लगा रहे हैं तो कुछ महीनों से यहीं रुके हैं. जो नज़ारा मंदिर के बाहर था, कुछ वही नजारा मंदिर के भीतर भी था. अब सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई ये लोग किसी साए का शिकार हैं. अगर नहीं, तो फिर सभी पीड़ित की हालत एक जैसी क्यों हैं.
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क्या भूतों की भी कोर्ट-कचहरी होती है

आखिर क्या है बलिया के मनियार गांव का रहस्य

जानिए अगले अंक में...
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