क्या आपका स्मार्टफोन सबसे खतरनाक रेडिएशन वाला तो नहीं?

आपके स्मार्टफोन से रेडिएशन निकलती हैं. जो आपके स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक होती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका मोबाइल कितनी रेडिएशन पैदा करता है?


Updated: August 28, 2018, 1:02 PM IST
क्या आपका स्मार्टफोन सबसे खतरनाक रेडिएशन वाला तो नहीं?
आपके स्मार्टफोन से रेडिएशन निकलती हैं. जो आपके स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक होती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका मोबाइल कितनी रेडिएशन पैदा करता है?

Updated: August 28, 2018, 1:02 PM IST
आज के दौर में स्मार्टफोन जिंदगी का हिस्सा हो गया है. सुबह उठने से लेकर वॉशरूम और ऑफिस की मीटिंग तक इसकी दखल है. 1 घंटे में कई बार आप अपना स्मार्टफोन कई दफा देखते हैं. लेकिन इससे निकलने वाली रेडिएशन के बारे में जानते हैं आप?

जी हां, आपके स्मार्टफोन से रेडिएशन निकलती हैं. जो आपके स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक होती हैं. लेकिन सवाल है कि मोबाइल रेडिएशन आखिर होती क्या है?

रेडिएशन वातावरण में फैली ऊर्जा
रेडिएशन या विकिरण हमारा आसपास फैली एक ऐसी ऊर्जा है, जो तरंगों के रूप में चलती है. इन्हें रेडियो तरंगें भी कहा जाता है. रेडिएशन प्राकृतिक भी होती हैं.

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लेकिन मानव निर्मित रेडिएशन से हमारी जिंदगी से जुड़े कई तरह के काम होते हैं. जैसे टीवी का रिमोट, मोबाइल फोन, एक्स रे और माइक्रोवेव भी शामिल है. कैंसर रोग को ठीक करने के लिए भी रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल होता है. इससे कैंसर पैदा करने वाली बुरी कोशिकाओं को मार दिया जाता है.

मोबाइल पर बातचीत इन्हीं रेडिएशन की मदद से होती है. मोबाइल इस्तेमाल करते वक्त शरीर को प्रभावित करने वाली रेडिएशन की मात्रा को स्पेसिफिक अब्सॉर्प्शन रेट (SAR) कहते है.
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क्यों खतरनाक मोबाइल रेडिएशन?
वैज्ञानिकों के मुताबिक रेडिएशन के ज्यादा संपर्क में रहने से शरीर की कोशिकाओं पर बुरा प्रभाव पड़ता है. भारत में स्पेसिफिक अब्सॉर्प्शन रेट के मानक पहले से तय हैं. इसके मुताबिक हर मोबाइल का स्पेसिफिक अब्सॉर्प्शन रेट (SAR) वैल्यू 1.6 वॉट प्रति किग्रा नहीं होना चाहिए.

इसके मद्देनज़र जर्मन फेडरल ऑफिशियल ऑफिस फॉर रेडिएशन प्रोटेक्शन की ओर से ऐसे स्मार्टफोन की लिस्ट जारी की जाती है. जो सबसे ज्यादा रेडिएशन पैदा करते हैं. अगर आपका मोबाइल ज्यादा रेडिएशन पैदा करता है तो आपके लिए साइलेंट किलर साबित हो सकता है.

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रेडिएशन से किन बीमारियों का खतरा
मोबाइल रेडिएशन पर कई रिसर्च पेपर तैयार कर चुके IIT बॉम्बे के इंजीनियर प्रो. गिरीश कुमार के मुताबिक मोबाइल रेडिएशन से शुरुआती तौर पर सिरदर्द, सिर में झनझनाहट, थकान, चक्कर, डिप्रेशन, नींद न आना आदि शामिल है.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन के शोध के मुताबिक लंबे समय तक रेडिएशन के प्रभाव में रहने से कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, प्रजनन क्षमता में कमी जैसी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. इंटरफोन स्टडी में कहा गया कि हर दिन आधे घंटे से ज्यादा मोबाइल के इस्तेमाल से ब्रेन ट्यूमर की आशंका 200 से 400% तक बढ़ जाता है.



मौत का सेंटर मोबाइल टावर
मोबाइल टावर जहां होते हैं, वहां सबसे ज्यादा रेडिएशन का खतरा होता है. ऐसा कहा जाता है कि 300 मीटर एरिया में सबसे ज्यादा रेडिएशन होता है.

ऐंटीना के आगे वाले हिस्से में सबसे ज्यादा रेडिएशन निकलती हैं. पीछे के मुकाबले सामने की ओर ही नुकसान की आशंका ज्यादा रहती है. इसी तरह दूरी भी बहुत अहम है.

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जितना ज्यादा आप टावर के नज़दीक होंगे, उससे ज्यादा खतरा बढ़ जाएगा. एक मीटर के एरिया में 100 गुना ज्यादा रेडिएशन होता है. टावर पर जितने ज्यादा ऐंटेना लगे होंगे, रेडिएशन भी उतना ज्यादा होगा.



कौन से मोबाइल सबसे खतरनाक?

श्योमी Mi A1
वनप्लस 5T***
हुआवेई मेट9
हुआवेई P9 प्लस
हुआवेई GX8
हुआवेई P9
हुआवेई नोवा प्लस***
वनप्लस 5***
हुआवेई P9 लाइट
आईफोन 7
सोनी एक्सपीरिया XZ1 कॉम्पेक्ट
वनप्लस 6
आईफोन 8
श्योमी रेडमी नोट 5
ZTE एक्सोन 7 मिनी
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