बाबा रामदेव के किंभो ऐप की लॉन्चिंग फिर टली, अभी अपग्रेडेशन पर चल रहा काम

पतंजलि के मैसेजिंग ऐप Kimbho के ट्रायल, रिव्यू और अपग्रेडेशन पर काम चल रहा है.

News18Hindi
Updated: August 27, 2018, 2:30 PM IST
बाबा रामदेव के किंभो ऐप की लॉन्चिंग फिर टली, अभी अपग्रेडेशन पर चल रहा काम
पतंजलि आयुर्वेद के मैनेजिंग डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण ने पिछले दिनों एक ट्वीट में बताया, कि किंभो ऐप नए और एडवांस्ड फीचर्स के साथ तैयार है.
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Updated: August 27, 2018, 2:30 PM IST
बाबा रामदेव की अगुवाई वाली पतंजलि आयुर्वेद के मैसेजिंग ऐप Kimbho (किंभो) के ट्रायल, रिव्यू और अपग्रेडेशन पर काम चल रहा है. जल्द इस स्वदेशी ऐप के लॉन्चिंग की तारीख घोषित की जाएगी. पतंजलि के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने यह जानकारी News18 Hindi को दी है. उन्होंने बताया कि इस बीच कोई भी व्यक्ति Kimbho (किंभो) ऐप के ट्रायल वर्जन को डाउनलोड कर सकता है और अपनी प्रतिक्रिया हमारे साथ साझा कर सकता है. इससे पहले, खबरें थीं कि पतंजलि आयुर्वेद 27 अगस्त 2018 को नए फीचर के साथ अपने मैसेजिंग ऐप Kimbho (किंभो) को री-लॉन्च करेगी. पतंजलि आयुर्वेद के मैनेजिंग डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण ने पिछले दिनों एक ट्वीट में बताया था, 'किंभो ऐप नए और एडवांस्ड फीचर्स के साथ तैयार है.' पतंजलि आयुर्वेद इस ऐप की गड़बड़ियां दूर करने के बाद 27 अगस्त 2018 को इसे अधिकारिक तौर पर लॉन्च करेगी. पतंजलि के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने पिछले दिनों बताया था कि यह एक सुरक्षित और स्वदेशी मैसेजिंग ऐप होगा.



टेक्निकल एक्सपर्ट ने बताई थीं ऐप में कई खामियां
पतंजलि आयुर्वेद ने सबसे पहले 30 मई 2018 को Google प्ले स्टोर और Apple के ऐप स्टोर में किंभो (Kimbho) ऐप को लॉन्च किया था. हालांकि, बाद में इसे यह कहते हुए हटा लिया गया था कि मैसेजिंग ऐप किंभो को एक दिन के ट्रायल के लिए लाया गया था. उस समय कई टेक्निकल एक्सपर्ट्स ने किंभो (Kimbho) ऐप की सिक्योरिटी को लेकर सवाल उठाए थे. पतंजलि आयुर्वेद ने इसके बाद 15 अगस्त 2018 को मैसेजिंग ऐप Kimbho के ट्रायल वर्जन को डाउनलोड्स के लिए Google प्ले स्टोर पर डाला था. एक दिन बाद ही यह मैसेजिंग ऐप Google Play Store से हट गया था. उस समय पतंजलि आयुर्वेद ने कहा था कि यह स्वदेशी कंपनी के खिलाफ विदेशी कंपनियों (मल्टीनेशनल कंपनियों) की साजिश है. कंपनी ने कहा था कि ऐप की जल्द ही वापसी होगी.



Kimbho ऐप को WhatsApp के प्रतिस्पर्धी के रूप में पेश कर रही पतंजलि
पतंजलि आयुर्वेद के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने उस समय एक ट्वीट में कहा था, 'पतंजलि का किंभो ऐप विदेशी कंपनियों के षडयंत्र का शिकार हुआ है. असुविधा के लिए खेद है. जल्द ऐप की वापसी होगी.' तिजारावाला ने कहा था कि Google ने बिना कोई कारण बताए Kimbho ऐप के ट्रायल वर्जन को हटा दिया है.' पतंजलि Kimbho ऐप को WhatsApp के प्रतिस्पर्धी के रूप में पेश कर रही है. तिजारावाला ने पहले ट्वीट में जानकारी दी थी कि किम्भो का प्रयोग संस्कृत में हाल-चाल पूछने और खैर-खबर लेने के लिए आम संवाद में होता है. जैसे हम बोलते हैं, 'किम्भो भैया', क्या हाल है भैया और क्या चल रहा है, क्या खबर है? तिजारावाला ने ट्वीट में कहा था कि अब भारत बोलेगा...किम्भो. अब भारत पूछेगा किम्भो.
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