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यूपी में 68,500 शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन शुरू, सिर्फ 41,556 अभ्यर्थी ही कर सकेंगे आवेदन

अभ्यर्थी 28 अगस्त के बीच शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन और रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. इन पदों पर भर्ती होने वाले शिक्षकों के अन्तरजनपदीय तबादले नहीं हो सकेंगे.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 22, 2018, 8:36 AM IST
यूपी में 68,500 शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन शुरू, सिर्फ 41,556 अभ्यर्थी ही कर सकेंगे आवेदन
सांकेतिक तस्वीर
News18 Uttar Pradesh
Updated: August 22, 2018, 8:36 AM IST
उत्तर प्रदेश में 68,500 शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस भर्ती परीक्षा के लिए केवल वहीं 41556 अभ्यर्थी पात्र हैं, जो यूपी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 में सफल रहे थे. सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने विज्ञापन जारी कर दिया है. अभ्यर्थी 28 अगस्त को शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन और रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. इन पदों पर भर्ती होने वाले शिक्षकों के अन्तरजनपदीय तबादले नहीं हो सकेंगे. इस भर्ती में 5 सितंबर को नियुक्ति पत्र दिया जाना है.

अभ्यर्थी एक ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. हालांकि वह सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए वरीयता के क्रम में जिलों का निर्धारण कर सकेंगे. जिलों में रिक्त पदों की संख्या के अनुरूप अभ्यर्थी के भारांक व गुणांक और वरीयता के आधार पर जिले में काउंसलिंग में शामिल हो सकेंगे. काउंसलिंग में योग्य मिले अभ्यर्थी को नियुक्ति दी जाएगी.

परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि विज्ञापन सभी 75 जिले मे सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए जारी हुआ है. हर जिले में रिक्त पदों की संख्या वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है. भर्ती में सभी जिलों के लिए एक ही आवेदन पत्र मान्य रखा गया है.

बता दें सहायक अध्यापक के 68,500 पदों के लिए लिखित परीक्षा इस साल 27 मई को संपन्न हुई थी. यह योगी सरकार के कार्यकाल की पहली बड़ी भर्ती परीक्षा है. सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी, इलाहाबाद, डॉ सुत्ता सिंह ने 13 अगस्त को रिजल्ट जारी किया. 41556 अभ्यर्थी परीक्षा में सफल घोषित किए गए हैं. परिणाम से स्पष्ट है कि इस भर्ती के 26944 पद खाली रह जाएंगे. जिसके लिए सरकार कट ऑफ़ मार्क को कम करने के लिए हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी.

इस बार यूपी शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा में सामान्य और ओबीसी वर्ग को 45 फीसदी और एससी-एसटी को 40 फीसदी अंक पर उत्तीर्ण मानते हुए रिजल्ट जारी किया गया है. हाई कोर्ट के आदेश के बाद शासनादेश जारी कर इन पासिंग मार्क्स में संशोधन कर दिया गया था. जिसे लेकर छात्रों ने लखनऊ में विरोध प्रदर्शन भी किया था. छात्रों की मांग थी कि सरकार इस शासनादेश के खिलाफ हाईकोर्ट में आपत्ति लगाए.
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