OMG! 10वीं फेल शख्स ने बाइक को बना दिया ट्रैक्टर

OMG07:50 AM IST Aug 08, 2018

कहते हैं कि इंसान किताबों से ज्यादा जिंदगी के हालात से सिखता है. कभी-कभी इंसान पढ़ाई-लिखाई में भले ही पीछे रह जाता है, इसके बावजूद उसका हुनर उसे हाशिये से उठाकर एक खास मुकाम पर खड़ा कर देता है. जी हां, जयेश सागर ऐसे ही शख्स का नाम है, जिसके हुनर को आज दुनिया सलाम कर रही है. इन्होंने बाइक से छोटा ट्रैक्टर बना दिया. यही नहीं इनका दावा है कि बाइक से बना इनका मिनी ट्रैक्टर अन्य ट्रैक्टरों की अपेक्षाकृत कम ईंधन में कृषि कार्य करता है. जयेश 10वीं कक्षा फेल हैं, लेकिन काम कुछ ऐसा कर दिया है कि अच्छे-अच्छे ऑटो मोबाइल इंजीनियर दांतों तले उंगली दबा लें. 10वीं कक्षा में फेल होना और बाइक पर ट्रैक्टर बनाने में गहरा कनेक्शन है. जयेश बताते हैं, "जब मैं 10वीं कक्षा में फेल हुआ तो करने को कुछ नहीं था. परिवार की 6 बीघा ज़मीन थी, जिसमें खेती करने के लिए हम ट्रैक्टर का खर्च नहीं उठा सकते थे. तब ट्रैक्टर 2.50 लाख रुपए में आता था, जो हमारे लिए बड़ी रकम थी." जयेश ने आगे कहा, "ऐसे आभाव में मैंने एक मॉडल डेवलप करने की योजना बनाई और सेकेंड हैंड बाइक को मिनी ट्रैक्टर में बदलने पर काम शुरू किया. इसके लिए मैंने 100 सीसी या उससे अधिक पावर की बाइक इस्तेमाल की, जिसे मैंने स्थानीय बाज़ार में 5 से 7 हज़ार रुपए में खरीदा." जयेश ने न्यूज़ 18 को बताया कि बाइक पर बने ट्रैक्टर को उन्होंने किसानों को 35 से 37 हज़ार रुपए में बेचा. इसकी कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि खरीददार इसमें कितना अतिरिक्त सामान लनवाना चाहते हैं. जयेश की इस पहल से आसपास के इलाकों के किसानों को बहुत राहत है और वे मिनी ट्रैक्टर से कम लागत में अपना कृषि कार्य कर रहे हैं. जयेश का दावा है कि अगर कोई किसान 6 बीघा ज़मीन के लिए ट्रैक्टर किराए पर ले तो उसका खर्च लगभग 1200 रुपए आएगा, जबकि उनके मिनी ट्रैक्टर से इतनी की ज़मीन में केवल 200 रुपए में काम हो जाएगा.

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कहते हैं कि इंसान किताबों से ज्यादा जिंदगी के हालात से सिखता है. कभी-कभी इंसान पढ़ाई-लिखाई में भले ही पीछे रह जाता है, इसके बावजूद उसका हुनर उसे हाशिये से उठाकर एक खास मुकाम पर खड़ा कर देता है. जी हां, जयेश सागर ऐसे ही शख्स का नाम है, जिसके हुनर को आज दुनिया सलाम कर रही है. इन्होंने बाइक से छोटा ट्रैक्टर बना दिया. यही नहीं इनका दावा है कि बाइक से बना इनका मिनी ट्रैक्टर अन्य ट्रैक्टरों की अपेक्षाकृत कम ईंधन में कृषि कार्य करता है. जयेश 10वीं कक्षा फेल हैं, लेकिन काम कुछ ऐसा कर दिया है कि अच्छे-अच्छे ऑटो मोबाइल इंजीनियर दांतों तले उंगली दबा लें. 10वीं कक्षा में फेल होना और बाइक पर ट्रैक्टर बनाने में गहरा कनेक्शन है. जयेश बताते हैं, "जब मैं 10वीं कक्षा में फेल हुआ तो करने को कुछ नहीं था. परिवार की 6 बीघा ज़मीन थी, जिसमें खेती करने के लिए हम ट्रैक्टर का खर्च नहीं उठा सकते थे. तब ट्रैक्टर 2.50 लाख रुपए में आता था, जो हमारे लिए बड़ी रकम थी." जयेश ने आगे कहा, "ऐसे आभाव में मैंने एक मॉडल डेवलप करने की योजना बनाई और सेकेंड हैंड बाइक को मिनी ट्रैक्टर में बदलने पर काम शुरू किया. इसके लिए मैंने 100 सीसी या उससे अधिक पावर की बाइक इस्तेमाल की, जिसे मैंने स्थानीय बाज़ार में 5 से 7 हज़ार रुपए में खरीदा." जयेश ने न्यूज़ 18 को बताया कि बाइक पर बने ट्रैक्टर को उन्होंने किसानों को 35 से 37 हज़ार रुपए में बेचा. इसकी कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि खरीददार इसमें कितना अतिरिक्त सामान लनवाना चाहते हैं. जयेश की इस पहल से आसपास के इलाकों के किसानों को बहुत राहत है और वे मिनी ट्रैक्टर से कम लागत में अपना कृषि कार्य कर रहे हैं. जयेश का दावा है कि अगर कोई किसान 6 बीघा ज़मीन के लिए ट्रैक्टर किराए पर ले तो उसका खर्च लगभग 1200 रुपए आएगा, जबकि उनके मिनी ट्रैक्टर से इतनी की ज़मीन में केवल 200 रुपए में काम हो जाएगा.

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