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3 साल की बच्ची ने 3 घंटे में लगाए 1 हजार एक सौ ग्यारह तीर निशाने पर

OMG04:58 PM IST Aug 20, 2018

उम्र तीन साल और कारनामे ऐसे की पूरी दुनिया सलाम कर रही है. जरा सोचिए कि तीन साल की उम्र में भला एक छोटे से बच्चे से आप क्या उम्मीद रखते हैं, शायद यही कि वह अपने पैर पर ठीक से खड़ा हो जाए या थोड़ा बहुत दौड़ने लगे या फिर वो अच्छे से बोलने लगे. मगर चेन्नई की केवल 3 साल की लड़की ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया है. जी हां, इस छोटी सी बच्ची ने महज 3 घंटे और 30 मिनट में 1 हजार एक सौ ग्यारह तीर सटीक निशाने पर लगाए. इस नन्ही लड़की का नाम है कि पी संजना. संजना ने सभी निशाने 8 मीटर की दूरी से लगाए. इस मामले में सबसे ज्यादा हैरानी कि बात यह है कि इस दौरान इस मासूम सी खिलाड़ी के पैर में चोट भी लगी, उसके बावजूद इसने हार नहीं मानी और अपना टारगेट सफलतापूर्वक पूरा किया. इस कमाल को करने के बाद इस छोटी सी तीरदांज ने कहा कि इसका लक्ष्य देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है. इस रिकॉर्ड को बनाने के दौरान संजना ने हर घंटे में केवल 5 मिनट का ब्रेक लिया. इस खिलाड़ी के कोच शिहान ने बताया कि दो घंटे बाद वह बुरी तरह थक गई थी लेकिन उसने बाद भी हार नहीं मानी. यह उसकी दृढ इच्छी और फोकस था कि उसने आसानी से यह कमाल कर दिखाया. जानकारी के मुताबिक संजना के पिता प्रेमनाथ चेन्नई के सरकारी हॉस्पिटल में काम करते हैं, जबकि मां ग्रहणी है. केवल तीन साल की उम्र में उनका तीरंदाजी में रुचि देखते हुए माता-पिता ने संजना को फील्ड में भेजने का फैसला लिया. संजना के पिता ने भी कहा कि इस छोटी सी बच्ची में काफी काबिलियत है और वह एक दिन भारत का ओलंपिक में प्रतिनिधित्व जरुर करेगी.

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उम्र तीन साल और कारनामे ऐसे की पूरी दुनिया सलाम कर रही है. जरा सोचिए कि तीन साल की उम्र में भला एक छोटे से बच्चे से आप क्या उम्मीद रखते हैं, शायद यही कि वह अपने पैर पर ठीक से खड़ा हो जाए या थोड़ा बहुत दौड़ने लगे या फिर वो अच्छे से बोलने लगे. मगर चेन्नई की केवल 3 साल की लड़की ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया है. जी हां, इस छोटी सी बच्ची ने महज 3 घंटे और 30 मिनट में 1 हजार एक सौ ग्यारह तीर सटीक निशाने पर लगाए. इस नन्ही लड़की का नाम है कि पी संजना. संजना ने सभी निशाने 8 मीटर की दूरी से लगाए. इस मामले में सबसे ज्यादा हैरानी कि बात यह है कि इस दौरान इस मासूम सी खिलाड़ी के पैर में चोट भी लगी, उसके बावजूद इसने हार नहीं मानी और अपना टारगेट सफलतापूर्वक पूरा किया. इस कमाल को करने के बाद इस छोटी सी तीरदांज ने कहा कि इसका लक्ष्य देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है. इस रिकॉर्ड को बनाने के दौरान संजना ने हर घंटे में केवल 5 मिनट का ब्रेक लिया. इस खिलाड़ी के कोच शिहान ने बताया कि दो घंटे बाद वह बुरी तरह थक गई थी लेकिन उसने बाद भी हार नहीं मानी. यह उसकी दृढ इच्छी और फोकस था कि उसने आसानी से यह कमाल कर दिखाया. जानकारी के मुताबिक संजना के पिता प्रेमनाथ चेन्नई के सरकारी हॉस्पिटल में काम करते हैं, जबकि मां ग्रहणी है. केवल तीन साल की उम्र में उनका तीरंदाजी में रुचि देखते हुए माता-पिता ने संजना को फील्ड में भेजने का फैसला लिया. संजना के पिता ने भी कहा कि इस छोटी सी बच्ची में काफी काबिलियत है और वह एक दिन भारत का ओलंपिक में प्रतिनिधित्व जरुर करेगी.

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